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Monday, October 1, 2012

मुहब्बत की कारीगरी देखी

तबियत अपनी - जब हरी देखी,
मुहब्बत की - - - कारीगरी देखी,
 
उठा चाहत का -- जब पर्दा, मैंने,
नमी आँखों में थी ---  भरी देखी,
 
भुला दूँ तुझको -- याद या रक्खूं,
दर्द उलझन --- हालत बुरी देखी,
 
खफा है धड़कन - सांस अटकी है,
गले में हलचल ---- खुरदरी देखी,
 
सुर्ख रातें हैं ------ दिन बुझा सा है,
सुहानी शम्मा भी ------ मरी देखी,

19 comments:

  1. रविकरOctober 1, 2012 at 11:37 AM

    सुन्दर प्रस्तुति |
    बधाई स्वीकारें ||

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    1. "अनंत" अरुन शर्माOctober 1, 2012 at 11:46 AM

      बहुत-२ शुक्रिया रविकर सर आपका तहे दिल से धन्यवाद

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  • सदाOctober 1, 2012 at 12:19 PM

    वाह ... बहुत ही बढिया।

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    1. "अनंत" अरुन शर्माOctober 1, 2012 at 12:20 PM

      बहुत-२ शुक्रिया सदा जी

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  • shaliniOctober 1, 2012 at 1:18 PM

    क्या बात है अरुण, बहुत अच्छा लिखा है... वाकई मुहब्बत की कारीगरी अलग अलग रंग दिखाती है, कभी रुलाती है तो कभी हंसाती है.

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    1. "अनंत" अरुन शर्माOctober 1, 2012 at 5:13 PM

      शालिनी जी इस स्नेह के लिए शुक्रिया

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  • संध्या शर्माOctober 1, 2012 at 5:08 PM

    मोहब्बत की कारीगरी का भी जवाब नहीं...बहुत खूबसूरत रचना

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    1. "अनंत" अरुन शर्माOctober 1, 2012 at 5:13 PM

      संध्या जी बहुत-२ शुक्रिया

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  • Dheerendra singh BhadauriyaOctober 1, 2012 at 11:37 PM

    मोहब्बत की कारीगरी की लाजबाब प्रस्तुती,,,अरुण जी बधाई,,,

    RECECNT POST: हम देख न सके,,,

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    1. "अनंत" अरुन शर्माOctober 3, 2012 at 10:52 AM

      शुक्रिया धीरेन्द्र सर

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  • Minakshi PantOctober 2, 2012 at 3:04 PM

    मोहोब्बत के अहसास को बयाँ करने की एक अच्छी कोशिश सुन्दर रचना |

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    1. "अनंत" अरुन शर्माOctober 3, 2012 at 10:55 AM

      Shukriya Minakshi Mam

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  • वन्दनाOctober 3, 2012 at 12:21 PM

    बहुत सुन्दर प्रस्तुति।

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    1. "अनंत" अरुन शर्माOctober 3, 2012 at 12:33 PM

      शुक्रिया वंदना जी

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  • expressionOctober 3, 2012 at 1:11 PM

    वाह.....
    बहुत बढ़िया गज़ल...
    दाद कबूल करो.

    अनु

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    1. "अनंत" अरुन शर्माOctober 3, 2012 at 3:46 PM

      अनु जी आपकी दाद तहे दिल से स्वीकार्य हैं आपकी इस दाद ने खुश कर दिया बहुत-२ शुक्रिया

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  • संगीता स्वरुप ( गीत )October 3, 2012 at 2:49 PM

    बढ़िया कारीगरी ... उम्दा गज़ल

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    1. "अनंत" अरुन शर्माOctober 3, 2012 at 3:46 PM

      आदरणीया संगीता जी बहुत-२ शुक्रिया आपका

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    Reply
  • Reena MauryaOctober 5, 2012 at 8:51 PM

    बहुत बेहतरीन...
    लाजवाब....
    :-)

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